कक्षा 10 - अध्याय 7 - राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ - सार

 1. परिवहन और संचार का महत्त्व

पूर्व-अपेक्षित आवश्यकता: वस्तुओं और सेवाओं को आपूर्ति स्थल से माँग स्थल तक पहुँचाने के लिए सक्षम परिवहन अनिवार्य है। 

परिवहन, संचार और व्यापार का संबंध: ये तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। तीव्र परिवहन और आधुनिक संचार माध्यमों ने पूरे विश्व को एक 'बड़े गाँव' (Global Village) में बदल दिया है। 


2. स्थल परिवहन (Land Transport)

(A) सड़क परिवहन (Roadways):

नेटवर्क: भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है (लगभग 62.16 लाख किमी, 2020-21)। 

सड़कों का वर्गीकरण:

1. स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग: दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाला 6-लेन राजमार्ग; NHAI द्वारा संचालित। इसमें उत्तर-दक्षिण गलियारा (श्रीनगर से कन्याकुमारी) और पूर्व-पश्चिम गलियारा (सिलचर से पोरबंदर) शामिल हैं। 

2. राष्ट्रीय राजमार्ग (NH): देश के दूरस्थ भागों को जोड़ते हैं। 

3. राज्य राजमार्ग (SH): राज्यों की राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं। 

4. जिला मार्ग: प्रशासनिक केंद्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ते हैं। 

5. अन्य ग्रामीण सड़कें: 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ती हैं

6. सीमांत सड़कें: सीमा सड़क संगठन (BRO - 1960 में गठित) द्वारा रणनीतिक सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्मित। (उदा. विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग 'अटल टनल' - 9.02 किमी, जो मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ती है)। 

(B) रेल परिवहन (Railways):

इतिहास व आकार: भारत की पहली रेलगाड़ी 1853 में मुंबई और ठाणे (34 किमी) के बीच चली। यह देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है (17 रेल प्रखंडों में विभाजित)। 

वितरण कारक: उत्तरी समतल मैदान (समतल भूमि, सघन आबादी, संपन्न कृषि) रेल नेटवर्क के लिए सबसे अनुकूल हैं, जबकि हिमालयी पर्वत, राजस्थान के मरुस्थल और दलदली क्षेत्र इसके लिए प्रतिकूल हैं। 


(C) पाइपलाइन (Pipelines):

उपयोग: कच्चे तेल, पेट्रोल उत्पादों और प्राकृतिक गैस को शोधनशालाओं तथा उर्वरक कारखानों तक पहुँचाने के लिए। ठोस पदार्थों को तरल अवस्था (Slurry) में बदलकर भी भेजा जाता है। 

प्रमुख नेटवर्क: 1. ऊपरी असम से कानपुर, 2. गुजरात (सलाया) से जालंधर (पंजाब), 3. हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) क्रॉस कंट्री गैस पाइपलाइन। 


3. जल परिवहन (Waterways)

•यह परिवहन का सबसे सस्ता, ऊर्जा-सक्षम और पर्यावरण-अनुकूल साधन है। 

राष्ट्रीय जलमार्ग (NW): भारत में 111 अंतर्देशीय राष्ट्रीय जलमार्ग अधिसूचित हैं। 

NW-1: गंगा नदी (हल्दिया से प्रयागराज - 1620 किमी)। 

NW-2: ब्रह्मपुत्र नदी (सदिया से धुबरी - 891 किमी)। 

NW-3: केरल की पश्चिम-तटीय नहर (205 किमी)। 


समुद्री पत्तन (Ports): भारत की 11,098.81 किमी लंबी तटरेखा पर 12 प्रमुख तथा 200 मध्यम व छोटे पत्तन हैं, जो देश के 95% विदेशी व्यापार को संचालित करते हैं। 

दीनदयाल पत्तन (कांडला): स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला ज्वारीय पत्तन। 

मुंबई: सबसे बड़ा प्राकृतिक पोताश्रय (सहायक पत्तन: जवाहरलाल नेहरू)। 

मुर्मोगांव: लौह अयस्क के निर्यात हेतु प्रसिद्ध। 

चेन्नई: सबसे प्राचीन कृत्रिम पत्तन। 

विशाखापट्नम: गहरा व सुरक्षित प्राकृतिक पत्तन। 

श्यामाप्रसाद मुखर्जी (कोलकाता): एक अंतः स्थलीय नदीय पत्तन (सहायक पत्तन: हल्दिया)। 


4. वायु परिवहन (Airways)

•तीव्रतम, आरामदायक और प्रतिष्ठित परिवहन का साधन, जो अति-दुर्गम क्षेत्रों (जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों) के लिए अत्यंत उपयोगी है। 

पवन हंस हेलीकॉप्टर लिमिटेड: ONGC के अपतटीय कार्यों और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करता है। 

उड़ान (UDAN) योजना: आम नागरिकों के लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को किफायती बनाने हेतु शुरू की गई योजना। 


5. संचार सेवाएँ (Communication Services)

डाक-संचार तंत्र: भारत का डाक तंत्र विश्व का सबसे बड़ा है। 

दूरसंचार: भारत एशिया में STD सेवाओं के विस्तार में अग्रणी है। 

डिजिटल भारत (Digital India): IT (भारतीय प्रतिभा) + IT (सूचना प्रौद्योगिकी) = IT (कल का भारत)। 

जनसंचार: रेडियो (आकाशवाणी), दूरदर्शन, समाचार पत्र (सर्वाधिक हिंदी में) और सिनेमा (CBFC द्वारा प्रमाणित)। 


6. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन

व्यापार संतुलन: यदि निर्यात मूल्य आयात मूल्य से अधिक हो, तो यह 'अनुकूल व्यापार संतुलन' कहलाता है; इसके विपरीत यह 'असंतुलित' होता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को राष्ट्र का "आर्थिक बैरोमीटर" कहा जाता है। 

पर्यटन एक व्यापार के रूप में: पर्यटन राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है, स्थानीय हस्तकला को प्रश्रय देता है और बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित करता है। स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसी योजनाएँ पर्यटन संवर्धन हेतु संचालित हैं। 


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